Jharpost के सवाल: ‘चुंबर प्रतियोगिता’ से कितने आधुनिक बनेंगे झारखंड के आदिवासी?

राज्य के पिछड़े जिलों में एक पाकुड़ के डुमरिया में कल सिद्धो-कान्हू मेले का आयोजन किया गया था।  जिसमें जिले के पहाड़िया आदिवासी समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश ‘थाईलैंड’ के उस परंपरा को भी शामिल किया गया था, जिसमें वाहां के लोग अपनी प्रमिकाओं को अलिंगन करते हुये एक दुसरे के … More Jharpost के सवाल: ‘चुंबर प्रतियोगिता’ से कितने आधुनिक बनेंगे झारखंड के आदिवासी?

सूचना पाने के संदर्भ में कितनी कारगर हैं सोशल साइट्स?

दो पुरानी कहावतें हैं…पहला कि दुनिया को जिस नज़र से देखोगे ठीक वैसी ही दिखेगी, और दुसरा… वस्तुओं को जिस तरह प्रयोग करोगे ठीक वैसी ही फल देगा, प्रकृति का यही नियम भी है।  ये सारी बातें सोशल मीडिया के संदर्भ में भी लागू होती है। सोशल मीडिया या सामाजिक मीडिया (हिन्दी अर्थ), ये शब्द आजकल  पुरे विश्व में … More सूचना पाने के संदर्भ में कितनी कारगर हैं सोशल साइट्स?

भारतीय सिनेमा में ‘मुख्यधारा मीडिया’ कि अविरल आलोचना के लिये जिम्मेदार कौन ??…

बाँलीवुड के तथाकथित मिस्टर परफेक्सनिस्ट कहे जानें वाले आमिर ख़ान निर्मित विदेशी कैमरे से देशी सॉट एक सिनेंमा है ‘पिपली लाइव’ जिसमें टेलिविजन मीडिया के एक जानें-मानें पत्रकार जैसा ही दिखनें वाले पत्रकार की किरदार निभा रहे एक नकली पत्रकार आत्मदाह कि ओर प्रयासरत बे-चारे देसी किसान (नथ्था) की माँ से एक प्रश्न पुछता है … More भारतीय सिनेमा में ‘मुख्यधारा मीडिया’ कि अविरल आलोचना के लिये जिम्मेदार कौन ??…